रक्षाबंधन 2026: जानिए शुभ मुहूर्त, राखी बांधने का सही समय और इस पावन पर्व का महत्व

रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व पूरे भारत में बड़े उत्साह और भावनाओं के साथ मनाया जाता है। बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है।
साल 2026 में रक्षाबंधन का त्योहार शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।
रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार राखी बांधने के लिए शुभ समय का विशेष महत्व होता है। भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए हमेशा भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधनी चाहिए।
राखी बांधने का शुभ समय
- तारीख: 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
- शुभ मुहूर्त: सुबह 06:40 बजे से 09:40 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त: दोपहर 01:39 बजे से 04:13 बजे तक
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 28 अगस्त 2026 को लगभग 09:48 बजे तक
रक्षाबंधन का महत्व
“रक्षा” का अर्थ है सुरक्षा और “बंधन” का अर्थ है संबंध। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और विश्वास को और मजबूत बनाता है। समय के साथ यह त्योहार सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी के हर रिश्ते का प्रतीक बन गया है।
रक्षाबंधन की पूजा विधि
राखी बांधते समय पूजा की थाली में ये चीजें रखें:
- राखी
- रोली और चावल
- दीपक
- मिठाई
- नारियल
पूजा करने का तरीका
- सबसे पहले भगवान की पूजा करें।
- भाई को तिलक लगाएं।
- आरती उतारें।
- दाहिने हाथ में राखी बांधें।
- मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दें।
रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक कथाएं
रक्षाबंधन से कई धार्मिक और ऐतिहासिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधकर भगवान विष्णु को वापस वैकुंठ ले जाने का मार्ग बनाया था। वहीं महाभारत में द्रौपदी द्वारा श्रीकृष्ण को कपड़ा बांधने की कथा भी इस पर्व से जुड़ी मानी जाती है।
आधुनिक समय में रक्षाबंधन
आज के समय में रक्षाबंधन सिर्फ पारंपरिक त्योहार नहीं रहा, बल्कि परिवारों को जोड़ने वाला भावनात्मक अवसर बन चुका है। लोग ऑनलाइन राखी भेजते हैं, वीडियो कॉल पर त्योहार मनाते हैं और दूर रहकर भी रिश्तों की मिठास बनाए रखते हैं।








